Latest News

ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग पत्थलगांव की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर प्रश्न

सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत पत्थलगांव अंतर्गत ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर इन दिनों व्यापक असंतोष व्याप्त है। विभाग के अनुविभागीय अधिकारी (SDO) अमित देव की भूमिका और कार्यशैली को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों, सचिवों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों के बीच लगातार चर्चाएं हो रही हैं।सूत्र बताते हैं कि पंचायतों से संबंधित विकास कार्यों की कई फाइलें लंबे समय से कार्यालय में लंबित पड़ी हैं। बताया जा रहा है कि कुछ पंचायतों के कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि अन्य पंचायतों की फाइलें महीनों तक आगे नहीं बढ़ पा रही हैं, जिससे ग्रामीण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।सूत्रों के अनुसार शासन द्वारा खनिज संसाधनों के संरक्षण और अनुदान राशि के दुरुपयोग को रोकने के उद्देश्य से ग्राम पंचायतों में मुरमीकरण कार्यों पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए गए थे। इसके बावजूद पत्थलगांव क्षेत्र में मुरमीकरण से जुड़े कई कार्यों को तकनीकी स्वीकृति दिए जाने की बात सामने आ रही है। जानकारों का कहना है कि यदि इन कार्यों की निष्पक्ष जांच की जाए तो वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।सूत्र यह भी बताते हैं कि पंचायत के निर्माण मामलों में कार्य की गुणवत्ता को लेकर मेजरमेंट को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई है। कहा जा रहा है कि कई पंचायतों को भुगतान में विलंब का सामना करना पड़ रहा है, जिससे जनप्रतिनिधियों और संबंधित कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है।इसके अलावा, सूत्रों के मुताबिक SDO की मुख्यालय में नियमित उपस्थिति को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि वे अधिकांश समय मुख्यालय से बाहर रहते हैं, जबकि नियमों के अनुसार मुख्यालय से बाहर रहने के लिए उच्चाधिकारियों की अनुमति आवश्यक होती है। इस कारण कार्यालयीन कार्यों के प्रभावित होने की बात कही जा रही है।क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और नागरिकों का कहना है कि ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग में हुई तकनीकी स्वीकृतियों, मेजरमेंट प्रक्रिया एवं उपस्थिति व्यवस्था की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए, ताकि विकास कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे और जिम्मेदारी तय हो सके।

Harishankar Jaiswal

Harishankar Jaisawal Udtabhala.in के लेखक हैं, जो समाचार, सरकारी योजनाएँ और जॉब अपडेट पर जानकारीपूर्ण लेख लिखते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button