Latest News

पत्थलगांव का सबसे प्राचीन पूजन स्थल बूढ़ा महादेव, नए रंग-रूप में बना श्रद्धा का केंद्र

पत्थलगांव का सबसे प्राचीन और आस्था का केंद्र माना जाने वाला बूढ़ा महादेव अब अपने नए और आकर्षक स्वरूप में श्रद्धालुओं के सामने आ रहा है।वार्ड 14 के पार्षद संजय तिवारी एवं स्थानीय नागरिकों की सक्रिय जनभागीदारी से इस ऐतिहासिक पूजन स्थल का कायाकल्प हो गया है, जिससे वर्षों पुराना यह मंदिर अब और भी भव्य एवं सुव्यवस्थित दिखाई देने लगा है।महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर क्षेत्र से भारी संख्या में श्रद्धालु बूढ़ा महादेव मंदिर पहुंचे और भगवान शिव का विधिवत जलाभिषेक करते नजर आए। जय बूढ़ा महादेव के जयघोष से परिसर और आसपास का वातावरण पूरी तरह शिवमय हो गया।उल्लेखनीय है कि पत्थलगांव के श्मशान घाट के सामने स्थित यह प्राचीन शिवलिंग वर्षों से लोगों की अटूट आस्था का केंद्र रहा है। पुराने लोगों में आज भी इस महादेव के प्रति गहरी श्रद्धा और विश्वास कायम है। सीमित संसाधन और लंबे समय तक उचित देखरेख के अभाव के बावजूद बूढ़ा महादेव की मान्यता कभी कम नहीं हुई। मान्यता है कि यहां सच्चे मन और भक्ति भाव से मांगी गई हर मन्नत पूरी होती है तथा भक्तों के कष्ट दूर होते हैं।

हाल ही में जनसहयोग से मंदिर परिसर में व्यापक सुधार कार्य किए गए हैं। मंदिर के ऊपर शेड का निर्माण, चारों ओर रेलिंग की व्यवस्था तथा फूल-पौधों का रोपण किया गया है, जिससे परिसर अब साफ-सुथरा और चकाचक नजर आ रहा है। हरियाली और सुव्यवस्थित ढांचे ने मंदिर की आभा को और भी बढ़ा दिया है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बूढ़ा महादेव केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि पत्थलगांव की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान है। जनभागीदारी से हुए इस कायाकल्प से न केवल श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिली है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी इस प्राचीन धरोहर को सहेजने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।कुल मिलाकर, महाशिवरात्रि के अवसर पर बूढ़ा महादेव मंदिर का नया स्वरूप और श्रद्धालुओं की उमड़ी आस्था यह दर्शाती है कि परंपरा, विश्वास और सामूहिक प्रयास से किसी भी धार्मिक स्थल को नई पहचान दी जा सकती है।

Harishankar Jaiswal

Harishankar Jaisawal Udtabhala.in के लेखक हैं, जो समाचार, सरकारी योजनाएँ और जॉब अपडेट पर जानकारीपूर्ण लेख लिखते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button