आयुक्त कार्यालय द्वारा बीईओ के खिलाफ आरोप-पत्र ,स्कूलों में स्टेशनरी सामग्री वितरण और कथित वसूली के मामले में कार्रवाई, दस्तावेजों में कई गंभीर आरोपों का उल्लेख

पत्थलगांव के प्रभारी विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) वेदानंद आर्य के खिलाफ सरगुजा संभाग के आयुक्त कार्यालय ने विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस संबंध में आयुक्त कार्यालय को जिला शिक्षा अधिकारी, जशपुर की जांच रिपोर्ट में शिकायत को प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद विभागीय जांच की अनुशंसा की गई है। आरोपों का विस्तृत विवरण में उल्लेख किया गया है कि अंबिकापुर स्थित श्री गंगा एजेंसी के माध्यम से स्टेशनरी सामग्री विभिन्न संकुल केंद्रों तक पहुंचाई गई थी। इसके बाद संकुल समन्वयकों को सामग्री विद्यालयों में वितरित करने के निर्देश दिए गए थे।दस्तावेज़ों के अनुसार, प्राथमिक विद्यालयों के लिए लगभग पांच हजार रुपये और माध्यमिक विद्यालयों के लिए दस हजार रुपये की सामग्री उपलब्ध कराई गई थी। आरोप यह भी है कि इन सामग्रियों के भुगतान के लिए कुछ मामलों में क्यूआर कोड के माध्यम से राशि जमा कराई गई।आरोप-पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुछ संकुल समन्वयकों के बयानों के आधार पर पांच विद्यालयों से लगभग 25 हजार रुपये एकत्र किए गए थे। यह भी कहा गया है कि यह पूरा मामला छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के प्रावधानों के विपरीत पाया गया है। आयुक्त कार्यालय ने पूरे मामले की विभागीय जांच कर निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।सबसे खास बात यह है कि इस मामले में पत्थलगांव क्षेत्र के सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों की सहभागिता की भी चर्चा व्याप्त है।