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भगोरा धान खरीदी केंद्र में विकसित हुईं किसान हितैषी सुविधाएं धान विक्रय के दौरान किसानों को मिलेगा सुविधाजनक और सुरक्षित वातावरण

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में अन्नदाताओं की सुविधा और सम्मान को प्राथमिकता

जशपुरनगर, 05 सितंबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा किसानों की मेहनत, सुविधा और सम्मान को प्राथमिकता देते हुए धान खरीदी केंद्रों में आवश्यक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। किसानों को अपनी उपज बेचने के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए उपार्जन केंद्रों में बेहतर अधोसंरचना विकसित करने के साथ ही किसान हितैषी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। इसी क्रम में फरसाबहार विकासखंड के धान खरीदी केंद्र भगोरा में किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आरामदायक प्रतीक्षालय, धान की सुरक्षा के लिए विशाल शेड, महिला एवं पुरुषों के लिए पृथक शौचालय, स्वच्छ पेयजल, कृषक सुविधा केंद्र तथा सुरक्षित परिसर जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। इन सुविधाओं के माध्यम से किसानों को धान विक्रय के दौरान सुविधाजनक, सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध हो रहा है।

46 धान उपार्जन केंद्रों के विकास के लिए 40.85 करोड़ की राशि स्वीकृत

धान खरीदी केंद्र पर आने वाला किसान अब केवल अपनी उपज लेकर नहीं आता, बल्कि उसे अपनी मेहनत के सम्मान के साथ बेहतर सुविधाओं और व्यवस्थित खरीदी प्रक्रिया का भरोसा भी मिलता है। सरकार का उद्देश्य है कि किसानों को उपज विक्रय के दौरान आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उनके निकट उपलब्ध हों और उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। जिले में धान उपार्जन केंद्रों की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए 46 धान उपार्जन केंद्रों हेतु 40 करोड़ 85 लाख रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। इस राशि से उपार्जन केंद्रों में आवश्यक अधोसंरचना विकसित करने के साथ ही किसानों के लिए सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।

किसान हितैषी फैसलों से खेती-किसानी को मिल रहा नया संबल

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में किसानों के हित में लिए गए विभिन्न नीतिगत फैसलों से प्रदेश में खेती-किसानी को नया संबल मिल रहा है। छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में कृषि का महत्वपूर्ण योगदान है और राज्य को देशभर में धान का कटोरा के रूप में जाना जाता है। किसानों की आय और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ तक धान की खरीदी कर रही है। इसके साथ ही पूर्व में लंबित दो वर्षों के धान बोनस की 3,716.38 करोड़ रुपये की राशि किसानों को अंतरित की गई है। कृषि में विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए धान के स्थान पर दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो-कुटकी जैसी फसलों की खेती करने वाले किसानों को 15 हजार रुपये प्रति एकड़ आदान सहायता प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा किसानों की आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करने के लिए बागवानी, सब्जी उत्पादन, मत्स्य पालन, पशुपालन, डेयरी और लघु वनोपज आधारित गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। कृषि उत्पादन को बेहतर बनाने के लिए सिंचाई परियोजनाओं, बैराज, एनीकट और नहर विस्तार जैसे कार्यों के माध्यम से किसानों को सिंचाई के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।

Harishankar Jaiswal

Harishankar Jaisawal Udtabhala.in के लेखक हैं, जो समाचार, सरकारी योजनाएँ और जॉब अपडेट पर जानकारीपूर्ण लेख लिखते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना है।

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