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राष्ट्रीय स्तर पर चमका सरडीह का नाम स्वच्छ एवं हरित ग्राम श्रेणी में देशभर में मिला तीसरा स्थान 25 लाख रुपये के दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सतत विकास पुरस्कार से सम्मानित हुई ग्राम पंचायत सरडीह दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में ग्राम सरपंच सहित जिला पंचायत अध्यक्ष एवं अधिकारियों ने ग्रहण किया पुरस्कार

बगीचा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सरडीह ने राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए पूरे जिले और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। ग्राम पंचायत सरडीह को पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रदान किए जाने वाले प्रतिष्ठित पंडित दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सतत विकास पुरस्कार के अंतर्गत थीम-5 “स्वच्छ एवं हरियाली ग्राम” श्रेणी में संयुक्त रूप से देशभर में तृतीय स्थान प्राप्त हुआ है। इस उपलब्धि के लिए ग्राम पंचायत को 25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई है। यह सम्मान 03 जून 2026 को नई दिल्ली स्थित स्कोप कन्वेंशन सेंटर में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में प्रदान किया गया। ग्राम पंचायत सरडीह की ओर से सरपंच श्री रामजी राम भगत एवं सचिव श्री ईश्वर प्रसाद यादव ने पुरस्कार ग्रहण किया। यह सम्मान भारत सरकार के पंचायती राज मंत्री एवं मत्स्य पालन, पशुपालन तथा डेयरी मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के करकमलों द्वारा प्रदान किया गया।

इस गौरवपूर्ण अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक कुमार, उप संचालक पंचायत सुश्री कुसुम बड़ा, जनपद पंचायत बगीचा की अध्यक्ष श्रीमती गायत्री नागेश तथा जिला जशपुर के एडीपीएम श्री नवनीत कुमार साहू भी मौजूद रहे।*कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने दी बधाई* -इस उपलब्धि पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं समस्त ग्रामीणों को बधाई देते हुए कहा कि सरडीह की सफलता जनभागीदारी, नवाचार और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि जिले की अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार ने भी ग्रामवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरडीह ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में आदर्श स्थापित किया है, जिससे अन्य पंचायतों को भी सीख लेने की आवश्यकता है।*स्वच्छता और हरियाली से बदली गांव की तस्वीर* – लगभग 454 परिवारों वाले सरडीह ग्राम पंचायत में विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय भी निवासरत है।

ग्राम पंचायत ने स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का रूप दिया है। गांव के सभी घरों में शौचालयों का उपयोग सुनिश्चित किया गया है तथा सामुदायिक शौचालयों का भी निर्माण कराया गया है। गांव में सप्ताह में एक दिन स्वच्छताग्राही समूह एवं ग्रामीणों द्वारा सामूहिक स्वच्छता अभियान चलाया जाता है, जिससे गांव में स्वच्छ वातावरण बना रहता है। जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए सोखता गड्ढों का निर्माण किया गया है, जिससे भू-जल स्तर में सुधार हुआ है और जल उपलब्धता बढ़ी है।*सौर ऊर्जा और आधुनिक कृषि ने बदली ग्रामीण अर्थव्यवस्था* -सरडीह गांव में 109 घरों में सौर ऊर्जा संचालित पंप स्थापित किए गए हैं। इससे सिंचाई और घरेलू उपयोग के लिए वर्षभर पानी की उपलब्धता बनी रहती है। किसानों को कृषि कार्यों में सुविधा मिल रही है तथा उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई है। गांव के किसान टमाटर, मिर्च, खीरा सहित विभिन्न उद्यानिकी फसलों की खेती कर रहे हैं। आधुनिक कृषि पद्धतियों के उपयोग से उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। गांव में स्थापित 12 सोलर स्ट्रीट लाइटें ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।*राष्ट्रीय पुस्तक में मिली विशेष पहचान* -कार्यक्रम के दौरान पंचायती राज मंत्रालय द्वारा देशभर की उत्कृष्ट पंचायतों की उपलब्धियों पर आधारित विशेष पुस्तक “राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025” का भी विमोचन किया गया। इस पुस्तक में ग्राम पंचायत सरडीह के स्वच्छता, हरित विकास, जल संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा एवं सामुदायिक सहभागिता संबंधी उल्लेखनीय कार्यों को विशेष स्थान दिया गया है। पुस्तक की प्रति पंचायत प्रतिनिधियों को भी प्रदान की गई।*सामूहिक प्रयासों का मिला राष्ट्रीय सम्मान* -राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार ग्रामीण भारत में समावेशी, सहभागी एवं सतत विकास को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिवर्ष प्रदान किया जाता है। ये पुरस्कार पंचायतों को स्थानीय स्तर पर बेहतर शासन, सेवा वितरण और सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए प्रेरित करते हैं। ग्राम पंचायत सरडीह को प्राप्त यह सम्मान गांव के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, स्वच्छताग्रहियों और समस्त ग्रामवासियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। यह उपलब्धि न केवल जशपुर जिले बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है और स्वच्छ, हरित एवं आत्मनिर्भर ग्राम निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई है।

Harishankar Jaiswal

Harishankar Jaisawal Udtabhala.in के लेखक हैं, जो समाचार, सरकारी योजनाएँ और जॉब अपडेट पर जानकारीपूर्ण लेख लिखते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना है।

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