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जशपुर में नशे के खिलाफ जारी रखे अभियान – कलेक्टर श्री व्यास नशा मुक्ति केंद्र और जनजागरूकता पर विशेष जोर एनडीपीएस और कोटपा एक्ट के तहत करे कड़ी कार्रवाई कलेक्टर रोहित व्यास की अध्यक्षता में एनकार्ड समिति की हुई बैठक

जिले को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से व्यापक और सख्त कार्ययोजना लगातार जारी रहेगा। इस संबंध में कलेक्टर श्री रोहित व्यास की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में एनकार्ड समिति की बैठक हुई। बैठक में कलेक्टर श्री रोहित व्यास एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री लाल उमेद सिंह ने सभी संबंधित विभागों को नशे के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई, निगरानी और जनजागरूकता अभियान को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एनडीपीएस और कोटपा एक्ट के तहत मादक पदार्थों के अनुचित उपयोग करने वालों पर लगातार कार्रवाई करे। कलेक्टर श्री व्यास ने नशे से पीड़ित व्यक्तियों को उपचार हेतु नशा मुक्ति केंद्र जाने के लिए प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया। इसके लिए नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन नंबर 1933 एवं 14446 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जरूरतमंद लोग आसानी से सहायता प्राप्त कर सकें। बैठक में अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू, सभी एसडीएम, एसडीओपी सहित स्वास्थ्य, आबकारी, पुलिस, यातायात एवं परिवहन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।*नशा तस्करी पर कड़ी निगरानी और कार्रवाई* -कलेक्टर एवं एसएसपी ने मादक पदार्थों की तस्करी पर सख्त निगरानी रखने, नियमित चेकिंग करने और जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। कोटपा एक्ट के तहत निरंतर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। विशेष रूप से स्कूलों के आसपास के दायरे में गुटखा एवं तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों पर गुमास्ता एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। समाज कल्याण विभाग को “नशा मुक्त भारत अभियान” के अंतर्गत व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जा सके।*मेडिकल स्टोर्स और ढाबों की सख्त जांच*-बैठक में ड्रग इंस्पेक्टर को निर्देशित किया गया कि मेडिकल स्टोर्स की गहन जांच कर अवैध एवं नशीली दवाइयों की बिक्री पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही सभी मेडिकल स्टोर्स में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाए जाएं। आबकारी विभाग को हाईवे पर स्थित होटल-ढाबों में अवैध शराब बिक्री की जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।*कर्मचारियों के लिए भी सख्त नियम* -कलेक्टर ने कहा कि यदि कोई शासकीय अधिकारी या कर्मचारी नशे की लत से ग्रसित पाया जाता है, तो उसे अनिवार्य रूप से एक माह तक नशा मुक्ति केंद्र में रहकर उपचार लेना होगा। यह कदम प्रशासनिक अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने कहा कि नशे के खिलाफ यह अभियान केवल प्रशासनिक कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज की सहभागिता से ही इसे सफल बनाया जा सकता है। यह पहल जिले को नशामुक्त बनाने और सुरक्षित, स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगी।

Harishankar Jaiswal

Harishankar Jaisawal Udtabhala.in के लेखक हैं, जो समाचार, सरकारी योजनाएँ और जॉब अपडेट पर जानकारीपूर्ण लेख लिखते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना है।

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