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मुख्यमंत्री सिरीमकेला नील कंठेश्वर महादेव मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल हुएसामुदायिक भवन बनाने की घोषणा

सामुदायिक भवन बनाने की घोषणा

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज दुलदुला विकास खंड में ग्राम सिरीमकेला
में नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह शामिल हुए ।
मुख्यमंत्री ने सिरीमकेला में सामुदायिक भवन बनाने की घोषणा की।


इस अवसर पर सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा, पूर्व राज्यसभा सांसद श्री रणविजयसिंह जुदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जुदेव नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जुदेव, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुशीला साय, कृष्णा राय, पवन साय, भरत सिंह, अरविन्द प्रसाद साय, कपिल देव साय सरगुजा आईजी श्री दीपक कुमार झा कलेक्टर श्री रोहित व्यास एस एस पी डां. लाल उमेद सिंह वनमंडला अधिकारी श्री शशि कुमार और महादेव मंदिर समिति के सदस्यगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कल हम सब महाशिवरात्रि का पावन पर्व मनाएंगे, आप सभी को महाशिवरात्रि पर्व की बहुत-बहुत बधाई।
इस पावन अवसर पर आज यहां भव्य नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह का आयोजन किया गया है। इसमें शामिल होना मेरे लिए परम सौभाग्य की बात है।

सिरीमकेला में आप सभी भक्तों, अपने परिवार के बीच आकर मुझे आध्यात्मिक शांति और आनंद की अनुभूति हो रही है।

भक्ति और श्रद्धा के इस अनूठे आयोजन में मुझे यह कहते हुए बहुत खुशी हो रही है कि हमारी सरकार सनातन परंपरा को पुर्नर्स्थापित करते हुए श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना एवं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना से हजारों श्रद्धालुओं को धार्मिक यात्रा करा रही है।

श्रवण कुमार के पदचिन्हों पर चलने का प्रयास करते हुए हमारी सरकार अभी तक प्रदेश के 42 हजार से ज्यादा तीर्थ यात्रियों को श्रीरामलला का दर्शन करा चुकी है। 

हम सबके लिए यह सौभाग्य की बात है कि 500 वर्षों के इंतजार के बाद अयोध्या धाम में श्री रामलला का मंदिर बनकर तैयार हुआ है।

हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में अयोध्या धाम स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर आज ध्वज लहरा रहा है।
प्रत्येक राम भक्त की आस्था की अग्नि 500 वर्षों तक प्रज्वलित रही, एक ऐसा यज्ञ था, जिसकी लौ कभी नहीं डगमगाई।
हम सब तो निमित्त मात्र हैं, जो अपने भांचा राम के दर्शन उनके भव्य मंदिर में कर रहे हैं और श्रद्धालुओं को करा पा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज यहां पर नीलकंठेश्वर महादेव का दर्शन पाकर मैं खुद को बहुत ही सौभाग्यशाली महसूस कर रहा हूं।

दशहरा पर्व के दिन नीलकंठ के दर्शन को अत्यन्त शुभ माना जाता है। यहां तो स्वयं नीलकंठेश्वर महादेव के दर्शन हो गए। आज प्राण प्रतिष्ठा होने के बाद दर्शन लाभ मिलता रहेगा, यह हम सब के लिए गौरव की बात है।
आप सभी जानते हैं कि हमारे जशपुर में मधेश्वर महादेव स्थित हैं। लोक मान्यता के अनुसार इसे एशिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग कहा जाता है।
सनातन परंपरा में भक्ति का बड़ा महत्व है। हम लोग भक्तों का बहुत सम्मान करते हैं। सावन महीने में भोरमदेव मंदिर में कांवड़ियों पर आसमान से पुष्प वर्षा कर हर साल हम लोग आस्था प्रकट करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का प्रयाग कहे जाने वाले त्रिवेणी संगम राजिम में अभी राजिम कुंभ कल्प का भव्य आयोजन हो रहा है। जहां आस्था और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है।
आप सभी कल महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान कुलेश्वरनाथ महादेव के दर्शन करने अवश्य पधारें।
सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण के लिए हमारी सरकार लगातार प्रयास कर रही है। राजिम कुंभ कल्प की प्रतिष्ठा को हमने फिर से स्थापित किया।
ऐतिहासिक बस्तर दशहरा की पहचान देश-विदेश तक है। हम छत्तीसगढ़ के पांच शक्ति पीठों के विकास के लिए कार्य योजना बनाकर लगातार कार्य कर रहे हैं।
आज के इस पावन अवसर पर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में दूर-दूर से पधारे सभी श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए एक बार पुनः महाशिवरात्रि पर्व की हार्दिक बधाई देता हूं ।

Harishankar Jaiswal

Harishankar Jaisawal Udtabhala.in के लेखक हैं, जो समाचार, सरकारी योजनाएँ और जॉब अपडेट पर जानकारीपूर्ण लेख लिखते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना है।

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